गर्मी का मौसम आ चूका है. अप्रैल महीने से ही गर्मी लोगों का पसीना बहा रही है. घर से बहार निकलने वालों को चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ रहा है.
मूड में अचानक होने वाले ये बदलाव न सिर्फ़ आपके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के कारण होते हैं.
हमें हमेशा से यही सुना है कि गर्मियों में हमारे शरीर को अधिक मात्रा में पानी की ज़रूरत होती है. इसलिए गर्मियों में हमें ज़्यादा पानी पीना चाहिए.
आसान तरकीबें अपनाकर आप इस समस्या से बच सकते हैं और बिना किसी चिंता के दूध उबाल सकते हैं.
बिहार का खान-पान पूरे देश में मशहूर हैं. गर्मियों में यहां एक खास ड्रिंक बनाई जाती है, जो गर्मी की तेज उमस से राहत दिलाती है.
ककड़ी एक ऐसी सब्जी है जिसे लोग गर्मियों में खूब खाते हैं. इसमें पानी की अच्छी मात्रा होती है, जो पेट को ठंडा रखने और शरीर की गर्मी को कम करने में मददगार है.
भारत की स्वदेशी ‘कंचे वाली बोलत’ यानी गोली सोडा का स्वाद दुनिया को भा रहा है.
लगभग 55 हेक्टेयर में फैले उद्यान में लगभग 17 लाख ट्यूलिप फूल के पौधे लगाए गए हैं.
घर से बहार निकलने से पहले प्रॉपर स्किन केयर करना ज़रूरी है, नहीं तो आपका स्किन बुरी तरह झुलस सकता है.
यह रिपोर्ट गैलप, वेलबीइंग रिसर्च सेंटर, संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क की मेहनत का नतीजा है.
ज्यादातर लोग भजन-कीर्तन सुन कर ही अपने दिन की शुरुवात करना पसंद करते है.
किसी के चेहरे का रंग इतना पक्का है कि वह अब तक अपना निशान बनाए हुए है.
वहीं अगर आपके दांत पीले और काले हैं तो यह आपको डिस्कम्फर्ट दे सकती है.
बाजारों में मिलने वाला केमिकल उक्त रंग हमारे शरीर पर दाग छोड़ जाता है.
इस वर्ष, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम "कार्रवाई में तेज़ी लाना" है, जो लैंगिक समानता की दिशा में प्रगति में तेज़ी लाने की आवश्यकता पर ज़ोर देती है.
रंगों का त्योहार होली आने वाला है. ऐसे में हर घर तैयारियों का सिलसिला जारी है.
रोज़ा का पालन कर रहे रोज़ेदार सुबह में सूर्योदय से पहले सेहरी करते है और शाम ढलने के बाद इफ्तार करते हैं.
रोज़ा का पालन कर रहे रोज़ेदार सुबह में सूर्योदय से पहले सेहरी करते है और शाम ढलने के बाद इफ्तार करते हैं.
तरबूज को आकषर्क बनाने और उसका रंग चटख करने के लिए रासायनों का प्रयोग किया जाता है.
चावल के पानी में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं. यह त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं.