कांग्रेस ने जीएसटी संग्रह में गिरावट पर जताई चिंता, कहा- नए बजट में मध्यम वर्ग को कर राहत दी जाए

Shwet Patra

रांची (RANCHI): कांग्रेस ने देश की आर्थिक स्थिति को चिंताजनक बताते हुए सरकार से नए बजट में इस ओर खास ध्यान देने की जरूरत बताई है. पार्टी का कहना है देश के आर्थिक ग्रोथ और जीएसटी संग्रह में गिरावट गंभीर चिंता का विषय है.


अर्थव्यवस्था की जटिलताओं से निपटने पर केंद्रित था जीएसटी संग्रह

कांग्रेस के महासचिव (संचार) एवं सांसद जयराम रमेश ने आज यहां एक वक्तव्य में कहा कि देश में आर्थिक मोर्चे पर निराशाजनक स्थिति है. आर्थिक ग्रोथ में गिरावट से लेकर जीएसटी राजस्व संग्रह तक खराब हालत में है. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यह वक्त की मांग है कि सरकारी तंत्र अपना ध्यान पॉपकॉर्न पर टैक्स लगाने से हटाकर अर्थव्यवस्था की जटिलताओं से निपटने पर केंद्रित करें. लगभग एक महीने बाद पेश होने वाले केंद्रीय बजट में देश के गरीबों को आय सहायता और मध्यम वर्ग के लिए कर राहत प्रदान की जानी चाहिए.

बजट अनुमान में 11 प्रतिशत की वृद्धि का था अनुमान

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 के ताज़ा आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले महीने जीएसटी संग्रह साढ़े तीन साल में दूसरी बार सबसे धीमी गति से बढ़ा है. रिफंड के समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह घटकर 3.3 प्रतिशत रह गया है, जो चालू वित्त वर्ष में सबसे कम है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले, मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में सरकार ने जीएसटी संग्रह में 8.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है जबकि बजट अनुमान में 11 प्रतिशत की वृद्धि की बात थी. राजस्व संग्रह में यह गिरावट सरकार के लिए मनरेगा जैसे सामाजिक कल्याण के कार्यक्रमों में और कटौती करने की वजह नहीं हो सकती है, वो भी ऐसे समय में जब ग्रामीण मजदूरी स्थिर रही है और खपत में कमी आई है. इसके बजाय सरकारी व्यय को अर्थव्यवस्था के लिए प्रोत्साहन के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

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