पटना (PATNA): बिहार की सांस्कृतिक राजधानी बेगूसराय में सोमवार की रात से एक बार फिर चार दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह ''रंग उत्सव'' शुरू हो गया. दिनकर भवन में आयोजित इस तृतीय रंग उत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए रहे प्रतिष्ठित नाट्य संस्थाओं के नाटकों की प्रस्तुति होगी.
रंगकर्म तपस्या, साधना और सीख है - सर्वेश कुमार
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि हमारे यहां के रंगकर्मी देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अपने सांस्कृतिक कर्म को समृद्ध करते हैं. यहां के वरिष्ठ कलाकार सांस्कृतिक माहौल को पिछले 50 वर्षों से सींच रहे हैं. लेकिन प्रेक्षागृह में दर्शकों का कम जुड़ना शोभा नहीं देता है. रंगकर्म तपस्या, साधना और सीख है, अनुशासन से सिखाता है। हमें अपने इस सांस्कृतिक विरासत को लगातार आगे बढ़ाते रहना है.
उत्सव का आयोजन हम सबके लिए गौरव की बात - पिंकी देवी
मेयर पिंकी देवी ने कहा कि राष्ट्रीय नाट्य समारोह रंग उत्सव का आयोजन हम सबके लिए गौरव की बात है. यहां के कलाकारों द्वारा बदलते दौड़ में भी रंगमंच को बनाए रखना प्रेरणा देता है. बदलते दौर में मोबाइल और टीवी के सामने हमारी यह सांस्कृतिक विरासत विलुप्त हो रही है. ऐसे में रंगमंच करना काफी सराहनीय दिया है. मनुष्य का जीवन में रंगमंच है. महात्मा गांधी भी सत्य हरिश्चन्द्र नाटक देखकर ही प्रभावित हुए थे.
रंगमंच के कलाकार समाज को दिशा देते हैं - राजकुमार सिंह
समारोह को संबोधित करते हुए मटिहानी विधायक और विधानसभा में सत्ताधारी दल के सचेतक राजकुमार सिंह ने कहा कि हम सब के लिए गर्व की बात है कि रंगमंच लगातार हो रहा है, नई ऊंचाई को छू रहा है. समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से देखकर नई-नई प्रतिभाएं सामने आ रही है. रंगमंच के कलाकार समाज को दिशा देते हैं. यह सभी कलाकार हम सबके प्रेरणाश्रोत हैं. कार्यक्रम का संचालन दीपक कुमार ने किया.