रांची (RANCHI): झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस डॉ शिवानंद पाठक ने कहा कि न्यायपालिका के बिना सभ्य और उन्नत समाज का निर्माण संभव नहीं है. न्यायमूर्ति डॉ पाठक झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के तत्वावधान में और जिला विधिक सेवा प्राधिकार खूंटी के सौजन्य से रविवार को स्थानीय बिरसा कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित मेगा विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर और जिला स्तरीय गरिमा सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. इसके पूर्व उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
जस्टिस पाठक ने लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया
जस्टिस पाठक ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया. साथ ही डायन बिसाही से पीड़ित महिलाओं और शराब-हड़िया बेचने का व्यवसाय छोड़कर सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर समाज के लिए उदहरण बनने वाली महिलाओं के अलावा अफीम की खेती छोड़कर व्यावसायिक खेती में दूसरों के लिए उदाहरण बनने वाले किसानों को सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि मेगा सशक्तिकरण शिविर का उद्देश्य त्वरित न्याय करना है. संविधान ने सभी नागरिकों को यह हक दिया है कि आप अपने अधिकार के बारे में जानें. अधिकार पाने के लिए हम क्या कर सकते हैं, यह भी जानने का हक है. उन्होंने कहा कि सभी का यह दायित्व है कि आपके अधिकार का पालन करना और यह देखना की कोई अपने अधिकार से वंचित न हो जाए.