गुमला (GUMLA) : गुमला प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को
नवडीहा पंचायत के उप मुखिया विनीता कुमारी और पंचायत सचिव कलेश्वर साहू के बीच
जमकर झड़प हुई. उप मुखिया ने पंचायत सतिव पर ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. इनका कहना है कि पंचायत सचिव लोगों का काम सही तरीके से नहीं करते. यह लोगों का काम करने के लिए पैसों की डिमांड करते है. इतना ही नहीं इनका कहना है कि पंचायत सचिव से अगर काम करवाना हो तो लोगों को बिचौलिया का सहारा लेने पड़ता है. उप मुखिया का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनके पास गांव के आम
ग्रामीण कई तरह की समस्या और आवेदन लेकर आते हैं. उक्त सभी समस्या और आवेदन को पंचायत सचिव तक लाया जाता है, लेकिन समस्या का हल करने के जगह सचिव साहब उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं. बिचौलिया के सहारे हो जाता है काम इधर उप मुखिया ने पत्रकारों से बताया कि किसी काम को लेकर
यदि कोई बिचौलिया पंचायत सचिव से मिले तो पैसा लेकर तुरंत काम कर देते है. झड़प
में विनीता ने लोगों को बताया कि वह ग्रामीणों के द्वारा दिए गए मृत्यु प्रमाण
पत्र और एक जन्म प्रमाण पत्र का आवेदन लेकर जब पंचायत सचिव के पास आई तो उसके
द्वारा कहा गया कि आप से हम आवेदन नहीं ले सकते हैं. आवेदक को भेजिए. जिस पर जम कर
बवाल हुआ. वहीं विनीता ने यह भी बताया कि पूर्व में भी वह कई बार गांव के वृद्ध
महिला-पुरुषों का वृद्धा-विधवा पेंशन बनाने के लिए लेकर आयी थी, लेकिन पंचायत सेवक के द्वारा नियम कानून का हवाला देकर लौटा
दिया गया है. वहीं गांव के बिचौलियों के द्वारा उन्हीं लोगों का पेंशन पैसा लेकर
कर दिया गया. जन्म प्रमाण पत्र में भी मोटी रकम का किया जा रहा है उगाई प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को हुए इस झड़प में जन्म
प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर मोटी रकम की उगाही का आरोप उप मुखिया लगाती रहीं. उप
मुखिया ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र जिसे निःशुल्क बनाने का मुहिम सरकार द्वारा
चलाया जा रहा है. बावजूद पैसे की उगाही पंचायत सचिव द्वारा किया जाना दुर्भाग्य
पूर्ण है. भावुक हुई जनप्रतिनिधि, कहा पंचायती राज अधिनियम का हो रहा अपमान उप मुखिया खुद पर हो रहे प्रताड़ना को बताते हुए भावुक हो
गई. उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के द्वारा दिए गए अधिकार को सरकारी तंत्र
में कार्यरत कर्मी के द्वारा कुचलने का प्रयास किया जा रहा है. यदि हम जनप्रतिनिधियों
का कोई काम नहीं है तो जनप्रतिनिधि बनाया ही क्यों जाता है. उप मुखिया ने आरोप
लगाते हुए कहा कि पंचायत सचिव आवेदक से मिलना इसलिए चाहते हैं ताकि आवेदक से पैसे
की उगाही कर पाए और अपना जेब भर पाए. पूर्व में पंचायत सचिव कलेश्वर साहू के ऊपर
शिवराजपुर पंचायत के मुखिया और जनप्रतिनिधियों ने रिश्वत लेने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों
को दरकिनार कर सीधे लाभुक से मिलकर पैसा वसूलीका आरोप लगाया था. इसके बाद शिवराजपुर पंचायत से कलेश्वर साहू को हटाकर
नौडीहा पंचायत में पंचायत सचिव बनाया गया. उप मुखिया ने पूरे मामले की गंभीरता से
जांच करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी और जिले के वरीय अधिकारियों से कार्रवाई का
मांग करते हुए कहा कि अगर इस तरह के घूसखोर कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुआ तो आम
ग्रामीण का शोषण होता रहेगा और उन्हें कुचलने का प्रयास लगातार जारी रहेगा. आरोप को गलत बता रहे पंचायत सचिव इधर नौडीहा पंचायत के पंचायत सचिव कलेश्वर साहू से पूछे
जाने पर उन्होंने कहा कि रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है जो बिल्कुल गलत है. उनका
कहना है कि किसी भी काम के लिए उन्होंने कभी भी ग्रामीणों से पैसे नहीं लिए. रिपोर्ट : अमित राज, गुमला