रांची (RANCHI): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में गुजरात ने 2024 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. राज्य सरकार ने टीबी पंजीकरण और उपचार सफलता के मामले में नीति आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 95 फीसदी पूरा किया, जबकि उपचार पूर्णता दर 91 फीसदी रही.
गुजरात को 2024 में 1,45,000 टीबी रोगियों की पहचान और पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 1,37,929 टीबी रोगियों की सफल पहचान और पंजीकरण किया गया. इसके साथ ही, 1,24,581 रोगियों का सफलता पूर्वक उपचार पूरा हुआ, जिससे उपचार पूर्णता दर 90.52 फीसदी दर्ज की गई. वहीं, इन पंजीकृत टीबी रोगियों में 1,31,501 टीबी रोगियों को भी उपचार की सुविधा दी गई है. राज्य सरकार की तरफ से जारी किए गए आंकड़े में यह जानकारी दी गई है.
टीबी रोगी को मिल रही 500 रुपए की आर्थिक मदद
टीबी के मरीज अपने नियमित इलाज के लिए प्रेरित हों और पैसे के अभाव में उनके इलाज में कहीं कोई भी समस्या न आए इसे सुनिश्चित करते हुए गुजरात सरकार द्वारा निक्षय पोषण योजना के तहत दवाई के खर्च के लिए प्रति टीबी रोगी 500 रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है. वर्ष 2024 में 1,18,984 टीबी रोगियों को 43.9 करोड़ रुपये की सहायता दी गई.
टीबी मरीजों को सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि उचित पोषण भी मिले:प्रधानमंत्री
बता दें कि टीबी रोगियों को दी जाने वाली इस आर्थिक मदद को केंद्र सरकार ने 1 नवंबर 2024 से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है. प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत, गुजरात ने निक्षय पोर्टल पर 10,682 निक्षय मित्रों का पंजीकरण किया और इनके माध्यम से 3,49,534 पोषण किट्स का वितरण किया गया. राज्य सरकार की यह पहल सुनिश्चित करती है कि टीबी मरीजों को सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि उचित पोषण भी मिले. इस क्षेत्र में गुजरात पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बना है.
टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें न्यूट्रीशन सपोर्ट प्रदान करेगा क्लब इंटरनेशनल
टीबी के मामलों की शीघ्र पहचान और उपचार के लिए केन्द्र सरकार ने 7 दिसंबर 2024 को 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान शुरू किया है. गुजरात ने इस अभियान के तहत अब तक 16 जिलों और 4 नगर निगमों को इस अभियान में शामिल कर लिया है. 20 मार्च 2025 तक, इस अभियान के तहत 35.75 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई. इन व्यापक जांचों के परिणामस्वरूप, 16,758 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार भी शुरू कर दिया गया है. राज्य के सभी टीबी मरीजों को उपचार के दौरान हर महीने पोषण किट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुजरात सरकार ने हाल ही में 6 मार्च 2025 को लायंस क्लब इंटरनेशनल के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए है. इसके तहत टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें न्यूट्रीशन सपोर्ट प्रदान किया जाएगा. राज्यभर में मरीजों तक पोषण सहायता पहुंचाने के लिए लायंस क्लब इंटरनेशनल सक्रिय भूमिका निभाएगा. राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस तरह के प्रयास से टीबी मरीजों की रिकवरी रेट में और तेज गति से सुधार आएगा.